क्या आपने कभी सोचा था कि आपका बच्चा बिना बैंक अकाउंट के भी डिजिटल पेमेंट कर सकेगा? और वो भी पूरी तरह आपके कंट्रोल में रहते हुए? जी हाँ, अब यह मुमकिन है।
Google Pay ने एक नया फीचर लॉन्च किया है जो खासतौर पर उन लोगों के लिए बना है जिनका खुद का बैंक अकाउंट नहीं है, जैसे बच्चे, बुजुर्ग माता-पिता या घर के दूसरे सदस्य। और सबसे अच्छी बात? पैसे का पूरा कंट्रोल आपके हाथ में रहता है।
✍️ Co-Author: Jasvant Chavda
Jasvant एक टेक और फाइनेंस राइटर हैं जो डिजिटल पेमेंट, UPI अपडेट्स और रोजमर्रा की टेक्नोलॉजी को आम भाषा में समझाते हैं। इनका मकसद है कि हर इंसान टेक्नोलॉजी को आसानी से समझ सके और उसका सही फायदा उठा सके।
अब बच्चे भी कर पाएंगे Google Pay Pocket Money से UPI पेमेंट!
इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि Google Pay का यह नया Pocket Money फीचर असल में काम कैसे करता है, इसे सेट अप कैसे करें, किसके लिए यह सबसे ज्यादा काम का है, और इसकी कुछ जरूरी लिमिट्स क्या हैं। चलिए शुरू करते हैं, एकदम सरल भाषा में।
Google Pay Pocket Money Feature आखिर है क्या?

सीधे और सरल शब्दों में कहें तो यह एक ऐसा तरीका है जिससे आप अपने बैंक अकाउंट से किसी दूसरे को सीमित पेमेंट एक्सेस दे सकते हैं। मतलब, पैसे आपके अकाउंट में रहेंगे, लेकिन खर्च आपका बच्चा या कोई और परिवार का सदस्य कर सकेगा।
यह फीचर UPI Circle का हिस्सा है। इसमें दो तरह के यूजर होते हैं। एक होता है Primary User, यानी जिसका बैंक अकाउंट है और जो कंट्रोल करेगा। दूसरा होता है Secondary User, यानी जो उस अकाउंट से पेमेंट करेगा।
पहले जब घर में बच्चे को पैसे देने होते थे तो कैश देना पड़ता था या फिर अलग से ट्रांसफर करना पड़ता था। अब ऐसा नहीं करना होगा। एक बार सेट अप करो, लिमिट तय करो, और हो गया।
UPI Circle में Primary और Secondary User का रोल
यह समझना जरूरी है कि इस पूरे सिस्टम में कौन क्या करता है।
Primary User वह होता है जिसका Google Pay अकाउंट बैंक से लिंक है। वही Secondary User को जोड़ता है, लिमिट सेट करता है और जरूरत पड़ने पर पेमेंट को अप्रूव करता है।
Secondary User वह होता है जिसके पास खुद का बैंक अकाउंट नहीं है, लेकिन वह Google Pay ऐप से पेमेंट कर सकता है। बस उसके फोन में Google Pay होना चाहिए।
एक Primary User अपने अकाउंट में अधिकतम 5 Secondary Users जोड़ सकता है। यानी अगर आपके घर में 3 बच्चे हैं और साथ में बुजुर्ग माता-पिता भी हैं, तो सबको एक ही अकाउंट से मैनेज किया जा सकता है।
दो तरह के पेमेंट मोड, दोनों के अलग-अलग फायदे
यह फीचर दो अलग तरीकों से काम करता है और दोनों की अपनी खासियत है।
Full Delegation Mode
इस मोड में आप Secondary User के लिए हर महीने एक खर्च की लिमिट तय करते हैं। मान लीजिए आपने 5,000 रुपये की लिमिट सेट की। तो आपका बच्चा उस लिमिट के अंदर जब चाहे, बिना आपसे परमिशन लिए, पेमेंट कर सकता है। हर बार आपको नोटिफिकेशन मिलेगा, लेकिन अप्रूव करने की जरूरत नहीं।
यह उन बच्चों के लिए बढ़िया है जो थोड़े बड़े हों और जिन पर भरोसा किया जा सके।
Partial Delegation Mode (Approval Mode)
इसमें हर पेमेंट के लिए Primary User की मंजूरी जरूरी होती है। Secondary User पेमेंट रिक्वेस्ट भेजेगा और आपको उसे अप्रूव करना होगा। छोटे बच्चों के लिए यह मोड ज्यादा सही रहता है क्योंकि आपका पूरा कंट्रोल बना रहता है।
Step-by-Step: कैसे करें Google Pay Pocket Money सेट अप?
यह प्रोसेस उतनी मुश्किल नहीं है जितनी लग सकती है। बस नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें।
- Google Pay ऐप खोलें और ऊपर दाईं तरफ अपनी Profile पर टैप करें
- वहाँ UPI Circle का ऑप्शन मिलेगा, उसे चुनें
- Pocket Money Setup पर जाएं
- जिस व्यक्ति को जोड़ना है उसे सेलेक्ट करें (उनके फोन में भी Google Pay होना जरूरी है)
- QR कोड स्कैन करके कनेक्शन सेट करें
- पेमेंट मोड चुनें – Full Delegation या Approval Mode
- अगर Full Delegation चुना है तो खर्च की लिमिट और KYC डिटेल्स भरें
- UPI PIN डालकर सेट अप पूरा करें
बस इतना करते ही आपका Secondary User पेमेंट करने के लिए तैयार है।
Secondary User पेमेंट कैसे करेगा?
सेट अप के बाद पेमेंट करना बेहद आसान है। Secondary User तीन तरीकों से पेमेंट कर सकता है।
पहला, QR कोड स्कैन करके। दुकान पर जाएं, QR स्कैन करें और पेमेंट हो गई। दूसरा, मोबाइल नंबर डालकर किसी को पैसे भेजे जा सकते हैं। तीसरा, ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान Google Pay को पेमेंट ऑप्शन के रूप में चुना जा सकता है।
अगर Full Delegation मोड है तो पेमेंट तुरंत हो जाएगी। Approval Mode में Primary User को नोटिफिकेशन आएगा और उन्हें मंजूरी देनी होगी। दोनों यूजर्स को सभी ट्रांजेक्शन ऐप में दिखाई देंगी, जिससे हिसाब-किताब साफ रहता है।
यह फीचर किनके लिए सबसे ज्यादा काम का है?

स्कूल जाने वाले बच्चे अगर बच्चा रोज कैंटीन में पैसे खर्च करता है या बस का किराया देता है, तो Pocket Money फीचर परफेक्ट है। कैश खोने का डर नहीं, और आपको पता भी रहेगा कि पैसे कहाँ गए।
बुजुर्ग माता-पिता जिनके पास खुद का बैंक अकाउंट नहीं है या जो डिजिटल पेमेंट में उतने कम्फर्टेबल नहीं हैं, उनके लिए Approval Mode में यह फीचर बहुत उपयोगी है।
कॉलेज स्टूडेंट्स जो घर से दूर रहते हैं और माँ-बाप हर बार ट्रांसफर नहीं कर सकते, उनके लिए Full Delegation Mode में एक मंथली लिमिट काफी काम आएगी।
छोटे बिजनेस के मालिक अगर आप अपने किसी कर्मचारी को छोटे खर्चे करने की सुविधा देना चाहते हैं बिना हर बार खुद पेमेंट किए, तो यह फीचर वहाँ भी काम आ सकता है।
इसी तरह के डिजिटल पेमेंट टिप्स के लिए आप हमारा UPI और डिजिटल वॉलेट गाइड जरूर पढ़ें जिसमें ऐसे कई उपयोगी फीचर्स की जानकारी दी गई है।
किन्हें अभी इंतजार करना चाहिए?
यह फीचर शानदार है, लेकिन अभी कुछ लिमिटेशन्स हैं जो आपको पता होनी चाहिए।
- बिल पेमेंट और मोबाइल रिचार्ज की सुविधा अभी इस फीचर में नहीं है
- नया Secondary User जोड़ने के बाद पहले 24 घंटे एक Cooldown Period होता है जिसमें पेमेंट लिमिट कम रहती है
- Secondary User के फोन में Google Pay ऐप का होना अनिवार्य है
- अगर आपको बड़े ट्रांजेक्शन या बिल पेमेंट की जरूरत है तो अभी पुराना तरीका ही बेहतर है
जो लोग बिल पेमेंट और रिचार्ज के लिए Secondary User को एक्सेस देना चाहते हैं, उन्हें अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। उम्मीद है कि आने वाले अपडेट में यह सुविधा भी मिलेगी।
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सुरक्षा के लिहाज से यह फीचर कितना भरोसेमंद है?
यह सवाल हर माता-पिता के मन में आता है, और आना भी चाहिए। कुछ जरूरी बातें।
पैसे हमेशा Primary User के बैंक अकाउंट में ही रहते हैं। Secondary User के पास कोई अलग वॉलेट नहीं होता। सभी ट्रांजेक्शन दोनों को दिखती हैं इसलिए कुछ छुपाने की गुंजाइश नहीं है। अगर कभी लगे कि Secondary User का फोन गलत हाथों में पड़ गया, तो Primary User कभी भी उसका एक्सेस रोक सकता है।
Approval Mode में तो हर पेमेंट पर आपकी मंजूरी जरूरी है इसलिए वह और भी ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
हमारी UPI सेफ्टी टिप्स वाली पोस्ट भी जरूर पढ़ें जिसमें बताया गया है कि डिजिटल पेमेंट करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
Pocket Money vs पहले वाला तरीका – क्या फर्क पड़ा?
पहले क्या होता था? बच्चे को पैसे देने हैं तो या तो कैश दो, या हर बार UPI से ट्रांसफर करो। दोनों में झंझट थी।
अब Pocket Money फीचर से आप एक बार सेट अप करके चैन से बैठ सकते हैं। खर्च ट्रैक होता रहेगा, लिमिट के बाहर पैसे नहीं जाएंगे, और बच्चे को भी डिजिटल पेमेंट की आदत लगेगी। यह एक तरह से फाइनेंशियल अनुशासन सिखाने का भी एक मॉडर्न तरीका है।
आप बच्चों को पैसे मैनेज करना कैसे सिखाएं वाली हमारी गाइड में और भी ऐसे प्रैक्टिकल तरीके जान सकते हैं।
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या Secondary User का बैंक अकाउंट होना जरूरी है?
नहीं। यही तो इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत है। Secondary User बिना बैंक अकाउंट के भी Google Pay Pocket Money Feature से पेमेंट कर सकता है।
Q2. एक Primary User कितने Secondary Users जोड़ सकता है?
अधिकतम 5 Secondary Users एक अकाउंट में जोड़े जा सकते हैं।
Q3. क्या Secondary User की पेमेंट हिस्ट्री Primary User देख सकता है?
हाँ, सभी ट्रांजेक्शन दोनों यूजर्स के ऐप में दिखाई देती हैं।
Q4. अगर Secondary User का फोन खो जाए तो क्या करें?
Primary User तुरंत Secondary User का एक्सेस रोक सकता है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं।
Q5. क्या यह फीचर सभी Android और iOS फोन पर काम करेगा?
जिस भी फोन में Google Pay ऐप इंस्टॉल है और ठीक से काम करता है, वहाँ यह फीचर उपलब्ध होना चाहिए।
निष्कर्ष
Google Pay का यह Pocket Money Feature सच में एक जरूरी और समझदारी भरा कदम है। खासतौर पर उन परिवारों के लिए जो डिजिटल इंडिया की तरफ बढ़ रहे हैं लेकिन अभी तक घर के हर सदस्य का बैंक अकाउंट नहीं बना पाए हैं।
बच्चों को जिम्मेदारी देना, बुजुर्गों की मदद करना, और सब कुछ अपने कंट्रोल में रखना, यही इस फीचर की असली ताकत है। अगर आप अभी तक यह सेट अप नहीं कर पाए हैं, तो आज ही Google Pay खोलें और UPI Circle में जाकर Pocket Money को एक्टिव करें।
डिजिटल पेमेंट की दुनिया तेजी से बदल रही है। और इस बदलाव में आगे रहना ही समझदारी है।
